शहर के किशनगढ़ कस्बे में रविवार को अज्ञात बदमाशों ने एक सरपंच के बेटे की दिनदहाड़े ताबड़तोड़ फायरिंग कर हत्या कर दी। वारदात के बाद बदमाश अपनी गाड़ी से भाग निकले। सूचना मिलने पर अजमेर एसपी कुंवर राष्ट्रदीप सिंह और अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। शहर में प्रमुख जगहों पर नाकाबंदी करवा दी गई। लेकिन हत्यारों का सुराग नहीं मिला। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार मृतक भागचंद चोटिया किशनगढ़ में ही हरमाड़ा गांव के रहने वाले थे। उनके पिता गांव के सरपंच है।

किशनगढ़ में दिनदहाड़े ताबड़तोड़ फायरिंग कर भागचंद चोटिया की हत्या के बाद बदमाश फरार हो गए। तब बाजार में स्थानीय लोगों की भीड़ इकट्‌ठा हो गई।
किशनगढ़ में दिनदहाड़े ताबड़तोड़ फायरिंग कर भागचंद चोटिया की हत्या के बाद बदमाश फरार हो गए। तब बाजार में स्थानीय लोगों की भीड़ इकट्‌ठा हो गई।

यह भी सामने आया है कि मृतक भागचंद चोटिया अशोक गहलोत की पिछली सरकार में किशनगढ़ से विधायक रहे नाथूराम सिनोदिया के बेटे भंवर सिनोदिया के हत्याकांड में मुख्य गवाह थे। माना जा रहा है कि बड़ी साजिश के तहत ही भागचंद चोटिया की रविवार को मौका पाकर ताबड़तोड़ फायरिंग कर हत्या की गई। वारदात के बाद आसपास रहने वाले लोगों में डर का माहौल हो गया।

मामले में आरएलपी के राष्ट्रीय संयोजक और नागौर से सांसद हनुमान बेनीवाल ने भी निंदा करते हुए कहा कि पुलिस को तत्काल हमलावरों के साथ वारदात की साजिश में लिप्त बदमाशों का पता लगाना चाहिए। बेनीवाल ने कहा कि वे रविवार देर रात किशनगढ़ पहुंचेंगे और मृतक चोटिया के परिजनों से मुलाकात करेंगे।

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