हरियाणा और राजस्थान पुलिस के इनामी गैंगस्टर विक्रम गुर्जर उर्फ पपला को सोमवार को अलवर की किशनगढ़बास जेल से अजमेर की हाई सिक्युरिटी जेल में शिफ्ट कर दिया गया। पपला दो बार पुलिस कस्टडी से भाग चुका है। ऐसे में सोमवार को जब कोर्ट ने उसे पुलिस रिमांड से जेल भेजने की कहा तो पुलिस ने बमुश्किल 1.54 मिनट ही किशनगढ़बांस जेल में रखा। कागजी कार्रवाई पूरी करके तुरंत उसे किशनगढ़बांस से 300 किमी दूर अजमेर की हाई सिक्यूरिटी जेल में शिफ्ट करने का निर्णय किया।
आखिर क्यों पपला गुर्जर की जेल बदलनी पड़ी? जब इस बारे में भास्कर से पुलिस अधिकारियों से पूछा तो सामने आया कि अलवर जिला हरियाणा के करीब है। जहां पपला की गैंग सक्रिय है। इसलिए पुलिस कोई रिस्क नहीं लेना चाहती है। इसलिए, प्रदेश की सबसे ज्यादा हाई सिक्यूरिटी अजमेर जेल में पपला को शिफ्ट कर दिया गया।
जेल की 4 ब्लॉक में 30 कोठरियां हैं, हार्डकोर बदमाशों को दो ग्रुप में रखा जाता है
अजमेर की हाई सिक्यूरिटी जेल में चार ब्लॉक में बनी 30 कोठरियों में हार्डकोर अपराधियों को दो-दो के ग्रुप में अलग-अलग रखा जाता है। एक कोठरी के कैदी अन्य कोठरियों के कैदियों से बातचीत नहीं कर सकते। कोठरियों में सुरक्षा कारणों से बिजली के प्वाइंट नहीं है। छोटे-छोटे रोशनदान हैं, जहां से फ्लड लाइट से सभी कोठरियों में प्रकाश पहुंचता है।
40 फीट से ज्यादा ऊंची हैं दीवारें
अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल की दीवारें लगभग 40 फीट ऊंची है। चप्पे-चप्पे पर पुलिस के जवान तैनात है। यहां निगरानी के लिए 76 सीसीटीवी लगे हैं। जिसकी 24 घंटे पुलिस के जवान निगरानी में रखते हैं। हार्डकोर कैदियों के अदालत में पेशी के दौरान भागने की आशंका रहती है। इसलिए इनकी तारीख पेशी के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की व्यवस्था जेल में की गई है। इससे पहले कुख्यात गैंगस्टर आनंदपाल सिंह, राजू ठेठ सहित कई कुख्यात बदमाश अजमेर की हाई सिक्यूरिटी जेल में रह चुके हैं।
यह कुख्यात अभी अजमेर जेल में बंद है
पंजाब का कुख्यात गैंगस्टर लाॅरेंस विश्नोई। जोधपुर का कुख्यात अपराधी स्वरूप सिंह। कुख्यात अपराधी राजू ठेहट का गुर्गा पवन कुमार और उसके दो साथी। आनंदपाल का भाई मंजीत सिंह व उसके दो साथी। कोटा का कुख्यात बदमाश शिवराज और उसके गुर्गे। सीकर का कुख्यात बदमाश अनिल उर्फ पांड्या व उसका एक साथी। बीकानेर का कुख्यात अपराधी व हथियार तस्कर अमीन खां। भंवरी हत्याकांड का मुख्य आरोपित विश्नाराम जाट व उसके दो साथी।
27 जनवरी को पपला को पुलिस ने कोल्हापुर से किया था गिरफ्तार
6 सितंबर 2019 को अलवर के बहरोड़ थाने से पपला के साथी उसे लॉकअप तोड़कर भागा ले गए थे। बदमाशों ने एके-47 जैसे आधुनिक हथियारों से थाने पर ताबड़तोड़ फायरिंग की थी। तब से पपला फरार था। पपला की तलाश में पुलिस ने कई राज्यों में 250 से अधिक ठिकानों पर पड़ताल की। करीब डेढ़ साल बाद 27 जनवरी की रात महाराष्ट्र के कोल्हापुर से पपला और उसकी गर्लफ्रेंड जिया को पकड़ा था। 28 जनवरी को पपला को अलवर के बहरोड़ कोर्ट में लाया गया। उसके बाद से पपला की लगातार पेशी व रिमांड हो रहे हैं। वहीं, पपला के साथ गिरफ्तार हुई जिया उससहर अलवर जेल में बंद है।



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