एमपी पुलिस द्वारा गुना में एक किसान की बेरहमी से पिटाई का वीडियो वायरल हो रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि शिवराज सरकार प्रदेश को कहां ले जा रही है? ये कैसा जंगल राज है?
पिटाई का मामला मंगलवार का है। लेकिन, वीडियो वायरल होने के बाद अब इस पर हलचल मच गई है। गुना के कैंट इलाके में पुलिस टीम एक दलित किसान दंपती के कब्जे से जमीन छुड़ाने के लिए गई थी। इस दौरान पुलिसवालों ने पति-पत्नी और उसके बच्चों तक पर जमकर लाठियां बरसाईं।
पुलिस ने लाठियां और लातें भी चलाईं
साइंस कॉलेज के लिए दी गई जमीन से कब्जा हटाने के दौरान एक दलित दंपती ने कीटनाशक पीकर आत्महत्या का प्रयास किया था। यह घटना जगनपुर चक में मंगलवार दोपहर 2.30 बजे की है। दंपती अपने 7 बच्चों के साथ प्रशासनिक- पुलिस अफसरों के सामने हाथ जोड़ता रहा, उसका कहना था कि यह भूमि गप्पू पारदी ने उसे बटिया पर दी है। कर्ज लेकर वह बोवनी कर चुका है। अगर फसल उजड़ी तो बर्बाद हो जाएगा, लेकिन किसान की फरियाद किसी ने नहीं सुनी।
परिवार ने हाथ जोड़े, गिडगिड़ाए, लेकिन पुलिस ने एक न सुनी
जमीन पर कई साल से पूर्व पार्षद गप्पू पारदी और उसके परिवार का कब्जा है। पारदी परिवार ने जमीन राजकुमार अहिरवार को बटिया पर दे दी है। किसान राजकुमार का कहना था कि उसने 2 लाख कर्ज लेकर बोवनी की है। इससे पहले का भी उस पर 2 लाख का कर्ज चढ़ा हुआ है। उसने पुलिस और प्रशासनिक अमले से अपील की कि यह कब्जा बाद में हटवा लें।
लेकिन टीम ने कब्जा हटवाना शुरू कर दिया। राजकुमार और उसकी पत्नी ने जहर पी लिया और जमीन पर गिर पड़े। मासूम बच्चे पास बैठकर रोते रहे। कुछ देर बाद दोनों को उठाकर जिला अस्पताल भेजा गया। राजकुमार के छोटे भाई ने कब्जा हटाने का विरोध किया तो उस पर भी लाठियां भांजी गईं। जबकि, पुलिस अधिकारियों का कहना था कि ऐसा कुछ नहीं हुआ है।
कलेक्टर ने दिए जांच के आदेश
कलेक्टर एस विश्वनाथन ने कहा कि आदर्श महाविद्यालय के लिए जमीन आवंटित हुई है। 2 माह से यह प्रोजेक्ट अटका हुआ है। अगर समय पर काम चालू नहीं होता है तो इस प्रोजेक्ट का अन्य जिले में दे दिया जाएगा। इसी दौरान दंपती ने जहर पिया है, दोनों का इलाज चल रहा है। जांच के आदेश दिए गए हैं।
साइंस कॉलेज के लिए दी गई जमीन से कब्जा हटाने के दौरान एक दलित दंपती ने कीटनाशक पीकर आत्महत्या का प्रयास किया था। यह घटना जगनपुर चक में मंगलवार दोपहर 2.30 बजे की है। दंपती अपने 7 बच्चों के साथ प्रशासनिक- पुलिस अफसरों के सामने हाथ जोड़ता रहा, उसका कहना था कि यह भूमि गप्पू पारदी ने उसे बटिया पर दी है। कर्ज लेकर वह बोवनी कर चुका है। अगर फसल उजड़ी तो बर्बाद हो जाएगा, लेकिन किसान की फरियाद किसी ने नहीं सुनी।
जमीन पर कई साल से पूर्व पार्षद गप्पू पारदी और उसके परिवार का कब्जा है। पारदी परिवार ने जमीन राजकुमार अहिरवार को बटिया पर दे दी है। किसान राजकुमार का कहना था कि उसने 2 लाख कर्ज लेकर बोवनी की है। इससे पहले का भी उस पर 2 लाख का कर्ज चढ़ा हुआ है। उसने पुलिस और प्रशासनिक अमले से अपील की कि यह कब्जा बाद में हटवा लें।

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