दिवालिया संकट का सामना कर रही माइक्रो, स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइजेज (एमएसएमई) के लिए केंद्र सरकार जल्द ही एक स्पेशल स्कीम लाने जा रही है। रविवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से आत्म निर्भर पैकेज की समीक्षा के बाद आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई। कोरोना महामारी से अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए सरकार ने मई में 20.97 लाख करोड़ रुपए के आत्म निर्भर पैकेज की घोषणा की थी।
प्रस्ताव को अंतिम रूप देने में जुटा कॉरपोरेट मंत्रालय
बयान में कहा गया है कि एमएसएमई के लिए स्पेशल इंसोल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रस्ताव को कॉरपोरेट मंत्रालय अंतिम रूप देने में जुटा हुआ है। इंसोल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (आईबीसी) के तहत यह स्पेशल प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। जल्द ही इसको नोटिफाई कर दिया जाएगा। यह स्कीम आईबीसी के सेक्शन 240A के तहत नोटिफाई की जाएगी। यह सेक्शन सरकार को छोटे कारोबारियों के लिए बैंकरप्सी कानून में बदलाव करने की शक्ति देता है।
एसएमई को आईबीसी के सेक्शन 29A से भी छूट
एसएमई को आईबीसी के सेक्शन 29A से भी छूट मिली हुई है। इस सेक्शन के तहत डिफॉल्ट कंपनी के प्रमुख शेयरहोल्डर रेजोल्यूशन प्रक्रिया में हिस्सा नहीं ले सकते हैं। स्मॉल कारोबार के मामले में अन्य निवेशकों का कंपनी का चार्ज लेने में कोई हित नहीं होता है। ऐसे में प्रमोटर को रेजोल्यूशन प्रक्रिया से बाहर निकालना अच्छा नहीं है।
मई में घोषित किया था आत्म निर्भर भारत पैकेज
कोविड-19 महामारी के कारण अर्थव्यवस्था में आई सुस्ती से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने मई में 20 लाख करोड़ रुपए के आत्म निर्भर भारत पैकेज की घोषणा की थी। इस पैकेज के तहत एमएसएमई को 3 लाख करोड़ रुपए का लोन देने का प्रावधान किया गया था।
एमएसएमई को अब तक 61 हजार करोड़ रुपए का लोन मिला
आत्म निर्भर भारत पैकेज के तहत घोषित किए गए 3 लाख करोड़ में से एमएसएमई को 9 जुलाई तक 61,987.90 हजार करोड़ रुपए का लोन मिल चुका है। वित्त मंत्रालय के मुताबिक, आपात ऋण सुविधा गारंटी योजना (ईसीएलजीएस) के तहत एमएसएमई के लिए अब तक 1.20 लाख करोड़ का लोन सेक्शन किया जा चुका है।

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