उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में शुक्रवार देर शाम विधानसभा और लोकभवन के बाहर एक मां और बेटी ने आत्मदाह की कोशिश की थी। इस मामले में नया मोड़ आ गया है। पुलिस कमिश्नर सुजीत पांडेय ने बताया कि यह एक आपराधिक साजिश थी। कुछ लोगों ने महिलाओं को उकसाया था।

इस मामले में असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलमीन (एआईएमआईएम) के जिलाध्यक्ष कादिर खान और कांग्रेस के पूर्व प्रवक्ता अनूप पटेल समेत 4 के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। वहीं, लापरवाही सामने आने पर हजरतगंज चौकी इंचार्ज समेत 4 पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है। कादिर और एक अन्य आरोपी आसमा को गिरफ्तार कर लिया गया है। अन्य की तलाश की जा रही है। 
पुलिस का दावा- चार लोगों के उकसाने पर घटना हुई
पुलिस का कहना है कि कानून व्यवस्था को भंग करने और सरकार को बदनाम करने की कोशिश की गई है। आरोपी आसमा और सुल्तान साफिया और उसकी बेटी गुड़िया को अमेठी से लखनऊ लाए थे। दोनों अमेठी के जामो थाना क्षेत्र की रहने वाली हैं। यहां कबीर और अनूप ने उन्हें आत्मदाह के लिए उकसाया। 

लोकभवन के सामने मां-बेटी ने खुद को आग लगाई थी
शुक्रवार देर शाम लखनऊ में लोकभवन के सामने मां-बेटी ने खुद को आग लगा ली थी। वे आग से घिरने से इधर-उधर भागने लगीं। मौके पर भीड़ जुट गई। मां-बेटी बुरी तरह झुलस गईं। पुलिस ने दोनों को सिविल अस्पताल में भर्ती कराया। वहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। साफिया 80% से ज्यादा जल गई, जबकि गुड़िया करीब 20% जली है।
नाली को लेकर विवाद हुआ था
दोनों महिलाएं दबंगों पर पुलिस कार्रवाई न होने से परेशान थीं। आरोप है कि नाली को लेकर विवाद में दबंगों ने उन्हें पीटा था। जामो थाना पुलिस ने मामले में 9 मई को दोनों पक्षों की शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर ली थी।

पीड़ित महिलाओं का कहना था कि उनके साथ ज्यादती हुई है। इसके बाद दूसरे पक्ष की शिकायत पर पीड़ित को ही आरोपी बना दिया गया। दोनों न्याय के लिए महीनों से चक्कर काट रही थीं। अमेठी एसपी ख्याति गर्ग ने थाना प्रभारी समेत तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है।

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