अमेरिका जल्द ही टिकटॉक पर बैन के बारे में आखिरी फैसला ले सकता है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प फेसबुक और इंस्टाग्राम पर इसके खिलाफ एड कैम्पेन चला रहे हैं। इसमें कहा जा रहा है कि चीन का यह ऐप अमेरिकी नागरिकों की जासूसी कर रहा है। कुछ दिन पहले ट्रम्प ने टिकटॉक पर बैन के बारे में विचार करने की बात कही थी।
भारत ने पिछले महीने चीन के 59 ऐप्स पर बैन लगा दिया था। अमेरिकी एनएसए रॉबर्ट ओ’ब्रायन और विदेश मंत्री भारत के सख्त कदम की तारीफ कर चुके हैं।
क्या है ट्रम्प के ऐड कैम्पेन में
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्टर टेलर लॉरेंज ने सबसे पहले ट्रम्प के एंटी टिकटॉक कैम्पेन की जानकारी अपने ट्विटर हैंडल पर शेयर की। कैम्पेन की टैगलाइन है- टिकटॉक आपकी जासूसी कर रहा है। इसमें आगे कहा कि अमेरिकी नागरिकों को प्राइवेसी यानी निजता का अधिकार है।
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्टर टेलर लॉरेंज ने सबसे पहले ट्रम्प के एंटी टिकटॉक कैम्पेन की जानकारी अपने ट्विटर हैंडल पर शेयर की। कैम्पेन की टैगलाइन है- टिकटॉक आपकी जासूसी कर रहा है। इसमें आगे कहा कि अमेरिकी नागरिकों को प्राइवेसी यानी निजता का अधिकार है।
एक तीर से दो निशाने
जब यूजर इस एड के साथ एक लिंक पर जाता है तो वहां उसे एक सर्वे भी मिलता है। इसमें पूछा गया है- क्या आपको लगता है कि ट्रम्प को अमेरिका में टिकटॉक पर बैन लगा देना चाहिए? इस सवाल के साथ ही यूजर्स से यह गुजारिश भी की गई है कि वो ट्रम्प के इलेक्शन कैम्पेन के लिए डोनेशन यानी चंदा दें।
जब यूजर इस एड के साथ एक लिंक पर जाता है तो वहां उसे एक सर्वे भी मिलता है। इसमें पूछा गया है- क्या आपको लगता है कि ट्रम्प को अमेरिका में टिकटॉक पर बैन लगा देना चाहिए? इस सवाल के साथ ही यूजर्स से यह गुजारिश भी की गई है कि वो ट्रम्प के इलेक्शन कैम्पेन के लिए डोनेशन यानी चंदा दें।
क्या ये डोनेशन पाने का खेल है
अमेरिकी वेबसाइट माशाबेल के मुताबिक, टिकटॉक सिर्फ एक नयी सोशल मीडिया कंपनी है, जिसके जरिए ट्रम्प डोनेशन हासिल करना चाहते हैं। इसके पहले स्नैपचैट और ट्विटर पर आरोप लगाए गए थे कि वे 2020 के प्रेसिडेंट इलेक्शन में दखलंदाजी की कोशिश कर रही हैं। सोशल मीडिया कंपनियां ट्रम्प की रिपब्लिकन पार्टी के निशाने पर पहले से रही हैं।
अमेरिकी वेबसाइट माशाबेल के मुताबिक, टिकटॉक सिर्फ एक नयी सोशल मीडिया कंपनी है, जिसके जरिए ट्रम्प डोनेशन हासिल करना चाहते हैं। इसके पहले स्नैपचैट और ट्विटर पर आरोप लगाए गए थे कि वे 2020 के प्रेसिडेंट इलेक्शन में दखलंदाजी की कोशिश कर रही हैं। सोशल मीडिया कंपनियां ट्रम्प की रिपब्लिकन पार्टी के निशाने पर पहले से रही हैं।

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