राजस्थान के सियासी घमासान का होटल फेयरमोंट एपीसेंटर बन चुका है। यहां दिन-रात मीटिंग का दौर लगातार चल रहा है। गहलोत सरकार ने इस होटल को अपना एक अभेद्य किला बना किया है।


जयपुर-दिल्ली रोड़ स्थित इस होटल फेयरमोंट में कुल 245 कमरे हैं। सूत्रों की माने तो इनमें से 120 कमरे विधायकों और नेताओं के लिए बुक करवाए गए हैं। जिसका रोज का खर्च 12 लाख रुपए बताया जा रहा है।
जानकारी अनुसार, होटल के खर्च में रहने-खाने की साथ सभी व्यवस्थाएं शामिल हैं। साथ ही होटल मे भी सभी गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। जिसमें विधायक दल की मीटिंग भी शामिल है। साथ ही मंत्रियों के ऑफिस के काम भी बाड़ेबंदी से ही निपटाए जा रहे हैं।

पायलट गुट के 11 दिन में 25 लाख खर्च हुए
वहीं, पायलट गुट के विधायक भी करीब 11 दिन से मानेसर स्थित होटल में मौजूद हैं। सूत्रों की माने तो वहीं भी हर दिन ढाई लाख रुपए का खर्च आ रहा है। जहां करीब 22 कमरे बुक करवाए गए हैं, लेकिन विधायक 19 ही मौजूद हैं। जिसके अनुसार करीब 25 लाख रुपए अब तक होटल मे रहने के लिए खर्च किया जा चुका है। 
गहलोत गुट के लग्जरी होटल में नॉर्मल रूम से लेकर सुइट्स तक हैं। यहां पर कमरों को कुल पांच कैटेगरी में बांटा गया है। जिसमें फेयरमोंट रूम, डीलक्स रूम, सिग्नेचर रूम, फेयरमोंट गोल्ड और सुइट्स हैं। जिनके एक दिन का किराया 7650 से 38350 तक है।


 साथ ही होटल में इनडोर गैम्स के साथ फिल्म देखने, जिम, स्पा और स्वीमिंग पूल की भी व्यवस्था है। गौरतलब है कि फेयरमोंट एक अंतराष्ट्रीय होटल ब्रांड है। जिसका भारत में सिर्फ एक होटल जयपुर में है।
होटल की सुरक्षा में 100 से अधिक पुलिस जवान तैनात
जहां, एक तरफ पायलट गुट के विधायकों के लिए होटल के बाहर हरियाणा पुलिस तैनात की गई है। वहीं, दूसरी तरफ गहलोत गुट ने होटल फेयरमोंट के बाहर पहले 2 लेयर में सुरक्षा तैनात की गई थी। जिसके कुछ दिन बाद 3 लेयर कर दिया गया।  होटल की गार्डनिंग से लेकर किचन, रूम सर्विस जैसी आठ सर्विसेज के लिए 650 लोगों का स्टाफ है। यहां 100 पुलिसकर्मी 3 शिफ्टों में लगाए गए हैं।

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