उत्तर प्रदेश के कानपुर में मंगलवार देर रात बड़ा हादसा हो गया है। यहां के किसान नगर में हाईवे पर एसी बस और टेम्पो में भिड़ंत हो गई। इसमें अब तक 17 लोगों की मौत की खबर है। घायलों की संख्या 30 से ज्यादा बताई जा रही है। इनमें 10 की हालत गंभीर बताई जा रही है। इन्हें अस्पताल पहुंचाने के लिए एंबुलेंस भी कम पड़ गईं।

आनन-फानन में रेस्क्यू टीम और पुलिस ने लोडर के जरिए कई घायलों को हैलट हॉस्पिटल पहुंचाया है। हादसा उस वक्त हुआ, जब हाईवे पर DCM का ड्राइवर बस को ओवरटेक कर रहा था। इसी दौरान टेम्पो दोनों के बीच में फंस गया।


सभी मृतक एक ही गांव के

हादसे में जितने लोगों की मौत हुई है, उनमें सभी टेम्पो में सवार थे। उसमें करीब 18-19 लोग थे। सभी कानपुर के सचेंडी थानाक्षेत्र के लाल्हेपुर गांव के रहने वाले थे। बताया जाता है कि ये लोग एक बिस्किट फैक्टरी में काम करते थे। नाइट शिफ्ट में काम के लिए फैक्ट्री जा रहे थे। इसी दौरान हादसा हो गया।

प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री ने शोक जताया

हादसे के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शोक जताया। उन्होंने अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंचकर पीड़ितों की मदद करने को कहा। साथ ही हादसे की जांच के आदेश दिए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने हादसे पर दुख जताया है।

प्रधानमंत्री ने मरने वालों के परिवारों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से 2-2 लाख रुपये की मदद देने की घोषणा की। घायलों को 50,000 रुपए दिए जाएंगे। राज्य सरकार ने भी मृतकों के परिवार वालों को 2 लाख रुपए की मदद का ऐलान किया है।


कानपुर से सूरत जा रही थी बस

जानकारी के अनुसार जय अंबे ट्रेवल्स की स्लीपर बस कानपुर से गुजरात के सूरत जा रही थी। इसमें करीब 115 लोग सवार थे। कानपुर से 15 किलोमीटर दूर बस जैसे ही किसान नगर पहुंची पीछे से एक DCM ने ओवरटेक करने की कोशिश की। इस दौरान सामने आ रहा टेम्पो बीच में फंस गया और ये हादसा हो गया। टेम्पो में सवार सभी लोगों की मौत होने की सूचना है। इसके अलावा बस में सवार कई लोगों की भी मौत हुई है।

एक साथ 7 शव लेकर अस्पताल पहुंचा लोडर

घटनास्थल पर पहुंची पुलिस ने घायलों को बाहर निकालना शुरू कर दिया है। इसके अलावा लोडर में भरकर कई शव अस्पताल पहुंचाए गए। एक लोडर में 7-7 शव रखकर हैलट अस्पताल लाए गए। दर्दनाक मंजर देखकर हर कोई सहम सा गया। हैलट अस्पताल प्रशासन की तरफ से अलर्ट जारी कर दिया गया है। डॉक्टर्स और मेडिकल स्टाफ को घर से वापस बुला लिया गया है।


बेटे की लाश देख बेसुध हो गई मां



हादसे की खबर मिलते ही बस और टेम्पो में सवार यात्रियों के परिजन हैलट अस्पताल पहुंच गए। एक बुजुर्ग महिला अपने बेटे की लाश स्ट्रेचर पर देख बेसुध हो गई। बार-बार बुजुर्ग डॉक्टर से पूछती रही कि मेरा बेटा ठीक तो हो जाएगा। डॉक्टरों ने हिम्मत बंधाई तो बुजुर्ग बेटे के माथे को चूमने लगी। ये नजारा देख हर किसी की आंखें नम हो गईं।

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