प्रदेश के सबसे बड़े SMS हॉस्पिटल की धनवंतरी ओपीडी बिल्डिंग की पांचवीं मंजिल पर एक युवक का शव दो दिन तक फंदे पर लटकता रहा। लेकिन किसी को खबर भी नहीं लगी। बिल्डिंग में पांचवीं मंजिल पर कोरोना वैक्सीनेशन सेंटर बना हुआ है। इसकी छत पर पावर सप्लाई के लिए इलेक्ट्रिक रूम बना रखा है। बुधवार को एसी मशीन में तकनीकी सप्लाई बंद होने पर एक कर्मचारी छत पर बने रूम में पहुंचा।
तब उसे युवक का शव इलेक्ट्रिक केबल से फंदा बनाकर लटका नजर आया। तब अस्पताल प्रबंधन को सूचना दी। इसके बाद मोतीडूंगरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। शव को उतारकर मोर्चरी पहुंचाया। खुदकुशी की वजह सामने नहीं आई है। दो दिन पहले उसकी मोतीडूंगरी थाने में गुमशुदगी दर्ज हुई थी।
8 मार्च को बड़े भाई के साथ डाॅक्टर को दिखाने के लिए धनवंतरी ओपीडी आया था प्रभुदयाल
पुलिस के अनुसार 23 वर्षीय प्रभुदयाल जयपुर जिले की जमवारामगढ़ तहसील में भट का बास गांव का रहने वाला था। वह मानसिक रूप से परेशान चल रहा था। 8 मार्च को उसका बड़ा भाई महेंद्र उसे एसएमएस अस्पताल की धनवंतरी ओपीडी में डॉक्टर को दिखाने के लिए गांव से लेकर आया था। तब बड़ा भाई महेंद्र मेडिकल पर्ची कटवाने के लिए रिसेप्शन पर खड़ा हो गया। कुछ देर बाद महेंद्र ने देखा तब प्रभुदयाल नजर नहीं आया। उसने प्रभुदयाल को सब जगह तलाश किया। फिर मोतीडूंगरी थाने में दोपहर बाद गुमशुदगी रिपोर्ट दर्ज करवाई।
छत पर सिर्फ तभी कोई कर्मचारी जाता है जबकि बिजली उपकरणों में कोई खामी हो
एसएमएस अस्पताल चौकी प्रभारी एएसआई राजेंद्र कुमार शर्मा के मुताबिक प्रभुदयाल को तलाश करने के लिए अस्पताल परिसर और आसपास लगे सीसीटीवी की फुटेज देखी गई। लेकिन उनमें प्रभुदयाल नजर नहीं आया। किसी को अंदेशा भी नहीं हुआ कि प्रभुदयाल धनवंतरी ओपीडी में ही पांचवीं मंजिल पर स्थित कोरोना वैक्सीनेशन सेंटर की छत पर बने इलेक्ट्रिक रूम में हो सकता है।
इस कमरे में अक्सर कोई आता जाता नहीं है। यहां सिर्फ बिजली की सप्लाई में फॉल्ट होने पर ही कर्मचारी जाते हैं। लेकिन प्रभुदयाल 8 मार्च को ही सीढ़ियों के रास्ते से छत तक पहुंचा। वहां उसने इलेक्ट्रिक केबल से गले में फंदा लगाया और लटक गया। इससे उसकी मौत हो गई। सूचना मिलने पर परिजन रोते बिलखते मौके पर पहुंचे। इसके बाद शव का पोस्टमार्टम करवाया गया।

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