पीएम किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत एक तरफ सरकार किसानों को सीधे खाते में लाभ पहुंचा रही है. तो वहीं कुछ किसान इस योजना में सेंध लगाने का काम कर रहे हैं.
किसान सम्मान निधि के सिस्टम में सेंध
किसान सम्मान निधि के सिस्टम में सेंध लगाकर 20.48 लाख अयोग्य लाभार्थियों ने 1,364 करोड़ रुपये डकार लिए. इन अयोग्य लाभार्थियों में आधे से अधिक (55.58 फीसदी) आयकरदाता हैं. बाकी 44.41 फीसदी वे किसान हैं, जो योजना की अर्हता पूरी नहीं करते हैं.
वापस करनी होगी मिली रकम
अयोग्य लाभार्थियों को भुगतान की गई राशि वसूलने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. इनमें से सबसे ज्यादा पंजाब के किसान हैं. इसके बाद असम, महाराष्ट्र, गुजरात और उत्तर प्रदेश के किसान सामिल है.
पंजाब से सबसे ज्यादा धांधली
इन किसानों द्वारा पैसा वापस नहीं करने पर कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है. आरटीआई से मांगी गई सूचना के मुताबिक पंजाब में सर्वाधिक (4. 74 लाख) अयोग्य लाभार्थी हैं.
टैक्सपेयर नहीं पायेंगे लाभ
बहुत से किसानों को ये नहीं पता है कि अगर उनके परिवार में कोई टैक्सपेयर है तो इस योजना का लाभ उसे नहीं मिलेगा. परिवार का आशय पति-पत्नी और अवयस्क बच्चे से है. यानी पति या पत्नी में से कोई पिछले साल इनकम टैक्स भारा है तो उसे इस योजाना का लाभ नहीं मिलेगा. आइए जानें और किन-किन लोगों को इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा.
1-यदि कोई किसान खेती कर रहा है, लेकिन खेत उसके नाम नहीं है तो उसे इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा.
2-अगर कोई खेती की जमीन का मालिक है, लेकिन वह सरकारी कर्मचारी है या रिटायर हो चुका हो, मौजूदा या पूर्व सांसद, विधायक, मंत्री उन्हें पीएम किसान योजना का लाभ नहीं मिलता.
3-बहुत से किसान दूसरों के खेतों पर किसानी का काम तो करते हैं, लेकिन खेत के मालिक नहीं होते. ऐसे किसान इस योजना का लाभ नहीं उठा सकते.
4-अगर कोई व्यक्ति खेत का मालिक है, लेकिन उसे 10000 रुपये महीने से अधिक पेंशन मिलती है, वह इस योजना के लाभार्थी नहीं हो सकते.

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