स्वामीसेही में बुधवार को बीएसएफ जवान विकास कुमार की सैन्य सम्मान से अंत्येष्टि की गई। जवान की पार्थिव देह लेकर आए बीएसएफ के एएसआई रूपराम डांगी ने बताया कि विकास त्रिपुरा में बांग्लादेश बॉर्डर पर तैनात थे। जहां वेे 17 जनवरी को दोपहर करीब पौने एक बजे ड्यूटी के दौरान अपनी सर्विस राइफल को साफ कर रहे थे। उसी दौरान गलती से गोली चलने से उनका निधन हो गया।

अंतिम संस्कार में सूरजगढ़ एसएचओ अरूणकुमार, सरपंच ईश्वरसिंह, पवन मेघवाल, राजेंद्र चौधरी, किशोरीलाल, पप्पू चौधरी, रामस्वरूप, बुंटीराम, विकास पूनिया, अनूप नेहरा, जीवन ज्योति रक्षा समिति के सदस्यों सहित काफी ग्रामीण शामिल हुए। बीएसएफ के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर साथी जवान को अंतिम सलामी दी।

विकास दो बहनों के इकलौते भाई थे। पिता महेंद्रसिंह खेती करते हैं। विकास मई 2017 में बीएसएफ में भर्ती हुए थे। पिछले साल 27 नवंबर को ही ब्राह्मणों की ढाणी तन देवरोड निवासी रितु के साथ उनकी शादी हुई थी। पार्थिव देह जब घर पहुंची तो मां, पत्नी व बहनों को बिलखता देख वहां मौजूद लोगों की भी आंखें भर आई।
अंतिम बार पत्नी व पिता से फोन पर बात की



त्रिपुरा से आए बीएसएफ के एएसआई रूपराम डांगी के मुताबिक विकास शादी के बाद 10 जनवरी को ही गांव से ड्यूटी के लिए रवाना हुए थे। 11 जनवरी को पहुंचे थे। वहां पर पांच दिन तक क्वारेंटाइन रहने के बाद 16 जनवरी की शाम पोस्ट पर उपस्थिति दी थी। रात 12 बजे से सुबह छह बजे तक ड्यूटी की थी। 17 जनवरी को दोपहर 12 बजे विकास व एक अन्य जवान की बॉर्डर पर ड्यूटी शुरू हुई।

जहां उसने अपने मोबाइल से पहले पत्नी से बात की और फिर पिता से बात की। तीनों में कांफ्रेंस के जरिए बातचीत हुई। फोन पर बातचीत खत्म होने के बाद वे राइफल की सफाई कर रहे थे, तभी गोली चलने से उनके दायीं ओर सीने में लगी। जिससे मौके पर ही निधन हो गया।

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