जापानी कारमेकर कंपनी होंडा कार्स इंडिया (HCIL) ने उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में अपना प्लांट बंद करने की घोषणा की है। इस प्लांट के बंद होने के साथ देश में सीआर-वी और सिविक मॉडल का प्रोडक्शन भी थम गया है। कंपनी ने इन गाड़ियों को तत्काल प्रभाव से भारत में बेचना भी बंद कर दिया है।

कंपनी ने प्लांट को बंद करने को लेकर कहा कि 1997 में अस्तित्व में आए इस प्लांट में प्रोडक्शन बंद करने का निर्णय इसलिए लिया गया है ताकि वो अपने परिचालन को मजबूत और टिकाऊ बना सके। ग्रेटर नोएडा प्लांट की सालाना प्रोडक्शन क्षमता 1 लाख यूनिट था। दूसरी तरफ, टापुकारा प्लांट की क्षमता 1.8 लाख यूनिट सालाना है। टापुकारा प्लांट में करीब 5,500 कर्मचारी काम करते हैं।

कोविड के चलते फैसला लेना पड़ा
एचसीआईएल के अध्यक्ष और मुख्य कार्यपालक अधिकारी गाकु नाकानिसी ने कहा, "पिछले तीन महीनों से बिक्री में तेजी के बावजूद, कुल मिलाकर उद्योग के लिए मौजूदा बाजार स्थिति अनिश्चित बनी हुई है। कोविड-19 प्रभाव ने हमें अपनी स्थिति सुदृढ़ करने के लिए मजबूर किया है। इसे हासिल करने के लिए एचसीआईएल ने टापुकारा प्लांट को एकीकृत बनाकर विनिर्माण गतिविधियों को मजबूत बनाने का फैसला किया है।"

एचसीआईएल के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट और डायरेक्टर राजेश गोयल ने कहा, "हम अपना सभी प्रोडक्शन राजस्थान के टापुकारा प्लांट में करेंगे। ग्रेटर नोएडा प्लांट में प्रोडक्शन बंद कर रहे हैं।"

बाजार के पटरी पर लौटने की उम्मीद
उन्होंने कहा कि कंपनी का भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती को लेकर भरोसा बना हुआ है और बाजार के तेजी से पटरी पर आने की उम्मीद है। भारत होंडा की वैश्विक रणनीति के तहत एक महत्वपूर्ण बाजार है और एचसीआईएल भविष्य में इलेक्ट्रिक वाहन समेत अपनी सबसे अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी वाला मॉडल लाने को लेकर प्रतिबद्ध है

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