ऊपर लगी तस्वीर दर्दनाक है। कोई मां इसे नहीं देखना चाहेगी। फिर भी ऐसा हुआ है, छत्तीसगढ़ के दुर्ग में। शिवनाथ नदी में दुर्गा की देह मिली है। दुर्गा यानी यही नवजात बच्ची, जिसे नवरात्र में भी नदी में फेंक दिया गया। बच्ची की नाल भी अब तक शरीर से अलग नहीं हुई थी।

घटना जेवरा सिरसा इलाके की है। सोमवार सुबह इस बच्ची का शव शिवनाथ नदी में उतराता मिला। गनियारी पोस्ट के भेडसर पंचायत के डांडेसरा में कुछ लोग नहाने के लिए नदी में उतरे थे। उन्होंने बच्ची का शव देखा और पुलिस को बताया। बच्ची के शरीर से नाल अलग नहीं हुई थी, इसलिए शव झाड़ियों में फंस गया और किनारे पर लोगों ने देख लिया।

बच्ची किसकी है, जानने के लिए आंगनबाड़ी-आशा वर्कर्स से पूछताछ होगी
जेवरा सिरसा चौकी प्रभारी बीपी शर्मा ने बताया कि जिस जगह बच्ची मिली है, उस जगह के आसपास 4 गांव हैं। गांवों मं आंगनबाड़ी और आशा वर्कर्स से यह जानकारी जुटाई जाएगी कि कहां, कौन गर्भवती था और किसकी डिलीवरी की तारीख इसी महीने थी। बच्ची की मां को ट्रेस करने के लिए यह जानकारी अहम हो सकती है।

10 महीने में 7 बच्चियों के शव मिले
बच्ची की नाल जुड़ी होने से आशंका जताई जा रही है कि जन्म के तुरंत बाद ही उसे रविवार रात को नदी में फेंका गया है। शव में कहीं भी टैग नहीं है। इसके चलते उसकी पहचान नहीं हो पा रही। यह भी पता नहीं चल पाया है कि जब बच्ची को नदी में फेंका गया, तब वह जिंदा थी या उसकी मौत हो चुकी थी। पिछले 10 महीने में इस इलाके में 7 नवजात बच्चियों के शव मिल चुके हैं।

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