रामानंद सागर के पॉपुलर टीवी शो 'रामायण' में 'रावण' का किरदार निभा चुके एक्टर और पूर्व सांसद अरविंद त्रिवेदी का 5 अक्टूबर की देर रात हार्ट अटैक से निधन हो गया। अरविंद की उम्र 83 साल थी। एक्टर की मौत की खबर उनके करीबी रिश्तेदार ने कन्फर्म की थी। अब आज (6 अक्टूबर) बुधवार को अरविंद त्रिवेदी का अंत‍िम संस्कार मुंबई में कंदीवली के श्मशान घाट में सुबह 9 बजे कर दिया गया। अरविंद की अंतिम यात्रा में उनके फैमिली मेंबर्स और 'रामायण' शो में उनके साथ काम कर चुकीं दीपिका चिखलिया समेत कई सेलेब्स भी पहुंचे थे।

अरविंद त्रिवेदी के भतीजे कौस्तुभ त्रिवेदी ने उनके निधन के खबर को कन्फर्म करते हुए कहा था, "आज (5 अक्टूबर) 10 बजे उनका निधन हो गया है। पिछले 2-3 दिनों से उनकी तबियत खराब चल रही थी, हालांकि उन्हें कोई बड़ी बीमारी नहीं थी। लेकिन, उन्हें हार्ट अटैक आया। इसके बाद उनके शरीर के कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया था।"

अरविंद त्रिवेदी।
अरविंद त्रिवेदी।

पिछले एक साल से उड़ रही थीं अरविंद त्रिवेदी की मौत की अफवाहें

इस साल मई में अरविंद त्रिवेदी के निधन की खबरें सामने आई थीं, जिन पर उनके भतीजे कौस्तुभ ने इसे अफवाह बताते हुए विराम लगा दिया था। इसके अलावा रामायण में लक्ष्मण का रोल प्ले करने वाले सुनील लहरी ने इन अफवाहों पर भड़कते हुए सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर की थी।

बता दें कि अरविंद त्रिवेदी का जन्म मध्यप्रदेश के उज्जैन शहर में हुआ। उनका करियर गुजराती रंगमंच से शुरू हुआ। एक्टर के भाई उपेंद्र त्रिवेदी गुजराती सिनेमा का चर्चित नाम रहे हैं और गुजराती फिल्मों में एक्टिंग कर चुके हैं। हिंदी के पॉपुलर शो रामायण से घर-घर पहचान बनाने वाले लंकेश यानी अरविंद त्रिवेदी ने लगभग 300 हिंदी और गुजराती फिल्मों में अभिनय किया है।

गुजराती भाषा की धार्मिक और सामाजिक फिल्मों से उन्हें गुजराती दर्शकों में पहचान मिली थी जहां उन्होंने 40 वर्षों तक योगदान दिया। त्रिवेदी ने गुजरात सरकार द्वारा प्रदान की गई गुजराती फिल्मों में सर्वश्रेष्ठ अभिनय के लिए सात पुरस्कार जीते थे। 2002 में उन्हें केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) के कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में नामित किया गया था। अरविंद त्रिवेदी ने 20 जुलाई 2002 से 16 अक्टूबर 2003 तक सीबीएफसी प्रमुख के रूप में काम किया।

एक्टिंग के अलावा अरविंद साल 1991 से लेकर 1996 तक सांसद रहे

1991 में, अरविंद त्रिवेदी भारतीय जनता पार्टी के सदस्य के रूप में साबरकथा निर्वाचन क्षेत्र से संसद सदस्य के रूप में चुने गए और 1996 तक इस पद पर रहे।


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