आयरलैंड ने मैसेजिंग ऐप पर 1971 करोड़ का जुर्माना ठोका, यूजर्स के डाटा प्राइवेसी में पारदर्शिता न बरतने का आरोप


वॉट्सऐप पर आयरलैंड में बड़ी कार्रवाई हुई है। आयरलैंड सरकार ने यूजर्स के प्राइवेसी पाॅलिसी में ट्रांसपैरेंसी नहीं बरतने के आरोप में कंपनी पर 1971 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया है। वॉट्सऐप पर यूजर्स की डाटा प्राइवेसी का उल्लंघन करने और फेसबुक के दूसरे प्लेटफाॅर्म्स के साथ पर्सनल डाटा शेयर करने की जानकारी छिपाने का आरोप था।

आयरलैंड के डाटा प्राइवेसी कमिश्नर (DPC) ने कहा कि वॉट्सऐप इस बात को लेकर खुलासा नहीं कर रहा था कि वह यूजर्स के डाटा को फेसबुक के दूसरे प्लेटफाॅर्म के साथ कैसे शेयर करता है। वॉट्सऐप ने यूजर्स को अंधेरे में रखा। इस मामले में कंपनी ने यूरोपियन यूनियन के डाटा प्राइवेसी नियमों का उल्लंघन किया है।

किस नियम के तहत लगा जुर्माना
कंपनी पर यूरोपीयन यूनियन के जनरल डाटा प्रोटेक्शन रेगुलेशन (GDPR) के तहत यह कार्रवाई की गई है। GDPR को दुनिया के सबसे व्यापक डेटा प्राइवेसी कानून के तौर पर 2018 में लागू किया गया था। 3 साल पुराने इस रेगुलेशन के तहत बड़ी कार्रवाई न होने के कारण काफी समय से इस नियम की आलोचना की जा रही थी।

265 पन्ने के इस फैसले को यूरोप मे डाटा प्राइवेसी कानून लागू करने के लिहाज से अहम माना जा रहा है। फैसले में वॉट्सऐप को अपनी प्राइवेसी पाॅलिसी में सुधार करने की बात कही गई है।

इस नियम के तहत कंपनियों को यूरोप के वही देश रेगुलेट करेंगे जहां उनका हेडक्वार्टर है। बता दें कि फेसबुक, गूगल, ट्विटर, एप्पल और कई दूसरी कंपनियों के यूरोप के हेडक्वार्टर आयरलैंड में हैं। ऐसा इसलिए है, क्योंकि आयरलैंड में कॉर्पोरेट टैक्स की दरें कम हैं, जिसका फायदा कंपनियों को मिलता है।

वॉट्सऐप ने दी सफाई
वॉट्सऐप ने कहा है कि इस मामले को लेकर आगे अपील करेगा। कंपनी के एक प्रवक्ता ने कहा है कि ऐप पूरी तरह से सेफ है और हम यूजर्स के डेटा की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं। ये जुर्माना हमें मंजूर नहीं है।


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