सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म वॉट्सऐप की नई प्राइवेसी पॉलिसी को लेकर अभी विवाद थमा नहीं है। अब केंद्र सरकार ने दिल्ली हाईकोर्ट से आग्रह किया है कि वॉट्सऐप को अपनी सेवा-शर्तों से जुड़ी नई पॉलिसी लागू करने से रोका जाएगा। इसके अलावा आईटी एंड कम्युनिकेशन राज्यमंत्री संजय धोत्रे ने लोकसभा में जानकारी दी है कि वॉट्सऐप से नए प्रस्तावित पॉलिसी बदलावों का रिव्यू करने के लिए कहा गया है।
पूरी दुनिया में हो रही है वॉट्सऐप की आलोचना
नई प्राइवेसी पॉलिसी को लेकर वॉट्सऐप की पूरी दुनिया में आलोचना हो रहा है। नई पॉलिसी में वॉट्सऐप यूजर्स का डाटा पेरेंट कंपनी फेसबुक के साथ शेयर करने की बात कही जा रही है। इसको लेकर ही यूजर्स की ओर से सबसे ज्यादा चिंता जताई जा रही है। हालांकि, वॉट्सऐप का कहना है कि उसके प्लेटफॉर्म पर सभी प्रकार के मैसेज पूरी तरह से एंड-टू-एंड एनक्रिप्टेड हैं। ना तो वॉट्सऐप और ना ही फेसबुक प्राइवेट मैसेज को देख सकता है। वॉट्सऐप की नई पॉलिसी को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में कई याचिका दाखिल की गई हैं। इन्हीं पर कोर्ट सुनवाई कर रही है।
क्या है वॉट्सऐप की नई पॉलिसी?
वॉट्सऐप यूजर जो कंटेंट अपलोड, सबमिट, स्टोर, सेंड या रिसीव करते हैं, कंपनी उसका इस्तेमाल कहीं भी कर सकती है। कंपनी उस डेटा को शेयर भी कर सकती है। यह पॉलिसी 8 फरवरी 2021 से लागू होनी थी। लेकिन, विवाद बढ़ने के बाद डेडलाइन को बढ़ाकर 15 मई कर दिया गया है। पहले दावा किया गया था कि अगर यूजर इस पॉलिसी को 'एग्री' नहीं करता है तो वह अपने अकाउंट का इस्तेमाल नहीं कर सकेगा। हालांकि, बाद में कंपनी ने इसे ऑप्शनल बताया था।
सरकार ने वॉट्सऐप के CEO को पहले भी लिखा था पत्र
नई प्राइवेसी पॉलिसी को लेकर सरकार ने जनवरी में भी वॉट्सऐप के CEO विल कैथकार्ट को पत्र लिखा था। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की ओर से भेजे गए पत्र में कहा गया था कि वैश्विक स्तर पर भारत में वॉट्सऐप का सबसे ज्यादा यूजर बेस है। साथ ही भारत वॉट्सऐप की सेवाओं का सबसे बड़ा बाजार है। वॉट्सऐप की सेवा शर्तों और प्राइवेसी पॉलिसी में प्रस्तावित बदलाव से भारतीय नागरिकों की पसंद और स्वायत्तता को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा हुई हैं। मंत्रालय ने वॉट्सऐप से प्राइवेसी पॉलिसी में किए गए बदलावों को वापस लेने के लिए कहा था।

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