सोनीपत कोर्ट के बाहर गुरुवार दोपहर 1:00 बजे बंदी वैन में कुख्यात बदमाश अजय उर्फ बिट्‌टू को कांस्टेबल महेश ने 3 गोली मार दीं। गंभीर रूप से घायल बिट्‌टू को पीजीआई रोहतक से निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बदमाश बिट्‌टू को रोहतक से पेशी पर लाया गया था। कांस्टेबल महेश सुरक्षा में तैनात था। पुलिस सूत्रों के अनुसार, महेश ने गैंगस्टर रामकरण बैंयापुर से 50 लाख रु. की सुपारी लेकर प्लानिंग के साथ घटना को अंजाम दिया।

इस वारदात के 7 मिनट बाद ही इसी गैंग के 7 बदमाशों ने बिट्‌टू के पिता कृष्ण को गांव बरोणा में गोलियाें से भून दिया। कृष्ण की मौके पर मौत हो गई। सोनीपत के एसपी जश्नदीप रंधावा के अनुसार, कांस्टेबल महेश पर हत्या के प्रयास सहित विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया है। कृष्ण की हत्या में 18 लोगों पर केस दर्ज किया है।

1:00 बजे कोर्ट के बाहर घटना

पेशी के बाद वैन में बैठते ही अवैध पिस्तौल से सिर में मारी गोलियां

साल 2019 के अवैध हथियार के मामले में रोहतक जेल से गुरुवार सुबह अजय उर्फ बिट्‌टू को बंदी वैन में सोनीपत कोर्ट लाया गया। वैन में सुरक्षा के लिए गोहाना क्षेत्र के गांव शामड़ी निवासी कांस्टेबल महेश समेत 8 पुलिसकर्मी तैनात थे। पेशी के बाद बिट्‌टू को वापस बंदी वैन में बैठाया गया। तभी महेश ने अवैध पिस्तौल निकालकर बिट्‌टू को सिर में 3 गोली मार दी। महेश वैन में ही बैठा रहा। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने महेश को पकड़ लिया। खरखौदा क्षेत्र के बरोणा निवासी बिट्‌टू (35) पर अवैध हथियार, हत्या के कई केस हैं। 5 लाख का इनाम भी रखा जा चुका है।

1:07 बजे बरोणा में पिता की हत्या

4 वर्षीय पोते को देख आरोपी बोले-इसे भी मारो, दादी ने सीने से लगाया

बिट्‌टू पर हमले के 7 मिनट बाद बरोणा में उसके पिता कृष्ण (61) की बदमाशों ने गोलियां मारकर हत्या कर दी। कृष्ण की पत्नी अनीता ने बताया कि कुछ युवकों ने ताऊ-ताऊ कहकर आवाज लगाई। बाहर आते ही पति को गोली मार दी। वे जान बचाने के लिए अंदर भागे और कुंडी लगा ली। आरोपी कुंडी तोड़कर अंदर घुस गए और गोलियों से हत्या कर दी। यह देख 4 साल का पोता रोने लगा। एक आरोपी बोला कि इसे भी मार दो। मैंने पोते को बाहों में दबोच लिया। अनीता का आरोप है कि गांव के बदमाश मुनिया से उनकी पुरानी दुश्मनी है। मुनिया ने रामकरण बैंयापुर के साथ मिलकर वारदात की है।

इसलिए ली सुपारी, अवैध शराब में 12 लाख का हो गया था नुकसान

पुलिस सूत्रों के अनुसार, पूछताछ में महेश ने बताया कि वह और कुछ अन्य पुलिसकर्मी शराब तस्करी के नेटवर्क से जुड़े हैं। कुछ समय पहले बिहार के लिए ट्रक में भेजी गई शराब की खेप यूपी में पकड़ी गई थी। इसमें महेश की भी हिस्सेदारी थी। शराब पकड़े जाने से महेश को करीब 12 लाख रु. का नुकसान हुआ था। उसकी गैंगस्टर रामकरण से जान पहचान है। उसने रामकरण से मदद मांगी। रामकरण ने महेश को 50 लाख रु. की सुपारी देते हुए अजय उर्फ बिट्टू की हत्या के लिए तैयार किया। वारदात को अंजाम देने के लिए महेश ने सोनीपत में कैदियों को पेशी पर लेकर जाने वाली गार्द में दो माह पहले ड्यूटी लगवाई थी। रामकरण के गैंग ने ही महेश को अवैध पिस्तौल उपलब्ध कराई। इसी से महेश ने बिट्टू को गोलियां मारीं। बताया जा रहा है कि कई साल पहले सरकारी पिस्तौल की गोलियां बेचने के मामले में महेश सस्पेंड हुआ था। बाद में बहाल हो गया था।

पीजीआई में 2018 में भी हुआ हमला

संदीप बड़वासनी की हत्या के बाद बिटटू ने साथियों के साथ मिलकर 2017 में गांधरा निवासी एडवोकेट सत्यवान मलिक की हत्या की थी। 2018 में पुलिस मुठभेड़ में बिट्‌टू घायल हो गया था। पीजीआई में उपचार के दौरान रामकरण ने उस पर हमला कराया, पर सुरक्षाकर्मियों ने मंसूबे कामयाब नहीं होने दिए थे।

इस गैंगवार में 10 से ज्यादा जानें जा चुकीं

सोनीपत में बैंयापुर के रामकरण व बडवासनी के संदीप के गैंग में 2014 से दुश्मनी है। इस गैंगवार में संदीप बड़वासनी समेत 10 से ज्यादा लोगों की जानें जा चुकी हैं। अब बिट्‌टू संदीप बड़वासनी गैंग का मुख्य सदस्य है। महेश व मुनिया की रामकरण से जान पहचान है। रामकरण एक माह से जमानत पर है।

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