आज तक आपने रिश्वत की राशि लेते... किसी को रिश्वत देते... या रिश्वत मांगते... गिरफ्तार होने की खबरें खूब पढ़ी होगी, लेकिन आज एकदम उल्टा मामला पढ़िए। एक भ्रष्ट अफसर ने परिवादी से काम के बदले रिश्वत ली, लेकिन काम हाे नहीं पाया। निराश परिवादी घूस की राशि वापस देने का दबाव बनाने लगा, जिसे लाैटाते हुए अफसर गिरफ्तार हो गया।

प्रदेश का संभवत: यह पहला मामला बीकानेर स्थित शिक्षा विभाग के निदेशक कार्यालय का है। जहां के जाॅइंट लीगल एडवाइजर बद्रीनारायण व्यास को एसीबी ने एक पीटीआई से ली गई रिश्वत की राशि के 30 हजार रुपए लौटाते हुए गिरफ्तार किया है।

डीआईजी (एसीबी) डॉ. विष्णुकांत ने बताया कि नागौर के मूंडवा मारवाड़ में कामूडा की ढाणी निवासी अर्जुनराम जाट पुत्र रूघाराम की ओर से शिकायत दी गई थी। इसमें बताया कि वह शिक्षा विभाग में पीटीआई पद पर नियुक्त हुआ है।

उसके खिलाफ पहले से चार आपराधिक प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन होने के कारण उसका प्रकरण माध्यमिक शिक्षा निदेशालय में चल रहा था। जिसमें निदेशालय के जाॅइंट लीगल एडवाइजर व्यास ने उसके पक्ष में रिपाेर्ट देने के लिए 30 हजार रुपए की रिश्वत मांगी, जाे उसने दे दी।

लेकिन इसके बावजूद निदेशालय की ओर से उसका प्रकरण खारिज कर दिया गया। इस पर उसने व्यास से शिकायत करते हुए रिश्वत राशि लाैटाने काे कहा। जिस पर वे राशि लाैटाने पर सहमत हाे गए।

एसीबी ने परिवादी अर्जुनराम की इस शिकायत की जांच की ताे रिश्वत लिए जाने की पुष्टि हाे गई। इस पर बीकानेर एसीबी की एसयू प्रभारी एएसपी रजनीश पूनिया के सुपरविजन में एक टीम का गठन किया गया। टीम ने गुरुवार को ट्रेप का प्लान किया।

आरोपी जाॅइंट लीगल एडवाइजर व्यास ने बीकानेर की लालीबाई की बगेची के पास अर्जुनराम को रिश्वत लौटाने के लिए बुलाया। जहां पहले से माैजूद एसीबी की टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया। टीम में इंस्पेक्टर अनिल शर्मा, दिलीप कुमार, हैड कांस्टेबल मंगतूराम, योगेंद्रसिंह, कानाराम, कांस्टेबल हरिराम व हजारा पठान भी शामिल थे।

Post a Comment

Previous Post Next Post