Jodhpur

डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज अस्थि रोग विभाग में स्कोलियोसिस सर्जरी कर 13 साल के बच्चे की रीढ़ की हड्डी 17 स्क्रू लगाकर सीधी की। सोढ़ों की ढाणी में रहने वाले इस बच्चे की कमर में उभार और टेढ़ापन के चलते परिजन फरवरी माह में एमजीएच ऑर्थोपेडिक विभाग में दिखाने आए, जहां डॉक्टर ने देखकर तीन माह बाद आने को कहा। फिर लॉकडाउन के चलते मरीज अस्पताल नहीं आ सका।

हाल में कुछ दिन पूर्व मरीज के परिजन फिर उसे एमजीएच लेकर आए तो डॉक्टर ने जांच कराकर सर्जरी प्लान की। सर्जरी विभाग के डॉ. महेंद्र टाक ने बताया कि करीब सात घंटे का जटिल ऑपरेशन कर बच्चे के स्पाइनल कोड में 17 स्क्रू लगाए व एक तार डालकर रीढ़ की हड्डी को सीधा किया। ऑपरेशन के बाद बच्चे की हाइट भी 8-9 सेंटीमीटर बढ़ गई।

डॉ. टाक ने बताया कि पूर्व में बच्चा जब दिखाने आया था तब उसकी पीठ का टेढ़ापन करीब 50 डिग्री था। टेढ़ापन कितनी तेजी से यह बढ़ रहा है, यह देखने के लिए हमने उसे तीन माह बाद बुलाया था। बाद में जब वह आया तब पीठ का टेढ़ापन 70 डिग्री तक बढ़ गया था। उसका निरोगी राजस्थान योजना के तहत ऑपरेशन निशुल्क किया गया। इस प्रकार के मरीजों को स्कोलियोसिस सर्जरी के लिए मुंबई, दिल्ली, अहमदाबाद जाना पड़ता था, जिसका खर्च 4 से 5 लाख रुपए आता है।

ऑपरेशन से पहले बच्चे के कमजोर हो रहे फेफड़े किए मजबूत
डॉ. टाक ने बताया कि मरीज की उम्र के हिसाब से ऑपरेशन बड़ा जटिल था। ऑपरेशन से पहले बच्चे के फेफड़ों को कमजोर होने के चलते दवा देकर मजबूत किया गया। साथ ही एनेस्थिसिया विभाग की ओर से भी सप्ताह भर पूर्व तैयारी की गई।

इन्होंने किया ऑपरेशन
विभागाध्यक्ष डॉ. अरुण वैश्य ने बताया कि डॉ. किशोर रायचंदानी के मार्गदर्शन में स्पाइन सर्जन डॉ. टाक और टीम ने यह ऑपरेशन किया। ऑपरेशन में डॉ. जगदीश व एनेस्थिसिया विभागाध्यक्ष डॉ. शोभा उज्ज्वल, डाॅ. फतेहसिंह भाटी, डॉ. गायत्री तंवर, डॉ. स्वाति, डॉ. विशाल, ओटी इंचार्ज इकबाल कायमखानी, अजीत गुरमानी व अर्जुनसिंह सोढ़ा ने सहयोग किया।

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